अजय देवगन स्टारर मैदान के निर्देशक अमित शर्मा ने...

 
अजय देवगन स्टारर मैदान में अपने करियर में पहली बार फुटबॉल कोच के रूप में पेश करेगा और अभिनेता की फिल्म अपनी घोषणा के बाद से ही चर्चा में है। जहां शूटिंग शेड्यूल को अप्रत्याशित महामारी के कारण इधर-उधर ले जाना पड़ा, वहीं निर्माता बोनी कपूर ने सहजता से चीजों को स्थानांतरित करने में कामयाबी हासिल की। निर्देशक अमित शर्मा ने इस महीने की शुरुआत में COVID-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था और आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खुद को घर से बाहर कर लिया था।


नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अमित शर्मा ने कोरोनावायरस के लिए नकारात्मक परीक्षण किया है और जल्द ही फिर से शूटिंग शुरू करेंगे। सूत्रों के अनुसार, निर्देशक काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और भले ही उनकी सक्रियता ने हर किसी को उछाल को देखते हुए छोड़ दिया हो, अमित शर्मा काम फिर से शुरू करने के लिए उत्सुक हैं। वह अब बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं और राहत महसूस कर रहे हैं कि वह आखिरकार फिल्म का निर्देशन जारी रख सकते हैं। असूचीबद्ध के लिए, मैदान महान फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीम पर आधारित है।

प्रियमणि और गजराज राव अभिनीत, मैदान 15 अक्टूबर को चयन होने की उम्मीद में है।अजय देवगन हिंदी फिल्‍मों के मशहूर अभिनेता, निर्देशक और निर्माता हैं। अजय का जन्‍म 2 अप्रैल 1969 को दिल्‍ली के एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके परिवार का बॉलीवुड से बहुत की करीबी का रिस्‍ता रहा है। देवगन के पिता, वीरू देवगन, एक स्टंट कोरियोग्राफर और एक्शन-फिल्म निर्देशक हैं। तो वहीं उनकी माँ वीणा, फिल्म निर्माता हैं। उनके भाई, अनिल देवगन भी एक फिल्म निर्माता और पटकथा लेखक हैं।अजय ने अपने फिल्‍मी करियर की शुरूआत 1991 में आई फिल्‍म 'फूल और कांटे' से की थी। यह फिल्‍म उस समय सुपरहिट रही थी। इस फिल्‍म में दो मोटरसाइकिलों पर पैर रखकर उनके द्वारा किया गया स्‍टंट आज भी चर्चा का विषय बना रहता है।

इस फिल्‍म में किये उनके अभिनय के लिये फिल्‍म फेयर का 'बेस्‍ट मेल डेब्‍यू' का अवार्ड भी मिला था। उनकी अगली फिल्म जिगर (1992) थी, जो बॉलीवुड की मार्शल आर्ट फिल्म थी। इस फिल्‍म में उनके अपोजि़ट करिश्मा कपूर नज़र आई थीं। यह दिवाली वीकेंड पर रिलीज़ हुई और बॉक्स ऑफिस पर उस साल की सातवीं सबसे ज्यादा कमाई (7 करोड़) करने वाली फिल्म बन गई।इसके बाद उन्होंने संग्राम (1993), विजयपथ (1994), दिलवाले (1994), सुहाग (1994), नाज़ायज़ (1995), दिलजले (1996) और इश्क (1997) जैसी सफल फ़िल्मों में अभिनय किया। 1998 में, उन्‍होंने महेश भट्ट की बॉलीवुड-ड्रॉमा ज़ख्म में अभिनय किया और उन्हें फिल्म में उनकी भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। 1999 में, उनकी सबसे चर्चित फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' रिलीज़ हुई जिसमें उन्होंने वनराज का किरदार निभाया था, यह एक ऐसा किरदार था जो अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ मिलाने की कोशिश करता है। इस फिल्‍म से भी उन्‍होंने खूब सुर्खियां बटोरी।

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