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क्या आप जानते है भारत के उस शेर की कहानी जिसपर बनी सलमान खान की Ek Tha Tiger, वीडियो में जाने ब्लैक टाइगर की सच्ची कहानी 

 
क्या आप जानते है भारत के उस शेर की कहानी जिसपर बनी सलमान खान की Ek Tha Tiger, वीडियो में जाने ब्लैक टाइगर की सच्ची कहानी 

रविंद्र कौशिक का जन्म 1952 में राजस्थान के गंगानगर में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। रविंद्र कौशिक को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। 1975 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान रविंद्र कौशिक ने नेशनल ड्रामा प्रेजेंटेशन में हिस्सा लिया। इसी दौरान भारत की खुफिया एजेंसी रॉ की नजर रविंद्र कौशिक पर पड़ी। रविंद्र कौशिक भी देश की सेवा करना चाहते थे, इसलिए ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे खुफिया एजेंसी रॉ में शामिल हो गए। खुफिया एजेंसी रॉ रविंद्र कौशिक को पाकिस्तान भेजना चाहती थी, इसलिए रॉ ने रविंद्र कौशिक को उर्दू पढ़ना और बोलना सिखाया। उन्हें पाकिस्तान के धार्मिक ग्रंथों और जगहों के बारे में बताया गया। जब रविंद्र कौशिक पूरी तरह से तैयार हो गए, तो उन्हें नबी अहमद शाकिर के नाम से पाकिस्तान भेज दिया गया। पाकिस्तान पहुंचकर रविंद्र कौशिक ने कराची लॉ कॉलेज में एडमिशन लिया और लॉ में स्नातक की डिग्री हासिल की।


रविंद्र कौशिक की पत्नी
पढ़ाई पूरी करने के बाद रविंद्र कौशिक पाकिस्तान की सेना में शामिल हो गए। पाकिस्तान में रहने के दौरान रविंद्र कौशिक को एक पाकिस्तानी लड़की अमानत से प्यार हो गया। रविंद्र कौशिक ने अमानत से शादी की और उनकी एक बेटी भी हुई। वहीं दूसरी तरफ रविंद्र कौशिक पाकिस्तान की सेना में मेजर बन गए। रविंद्र कौशिक ने 1979 से 1983 के बीच पाकिस्तान से कई खुफिया सूचनाएं भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को भेजीं। इससे भारत को काफी मदद मिली।

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ब्लैक टाइगर
अपने बेहतरीन काम की वजह से रविंद्र कौशिक भारतीय खुफिया एजेंसी में ब्लैक टाइगर के नाम से मशहूर हो गए। रविंद्र कौशिक को यह नाम भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दिया था। जिस तरह से रविंद्र कौशिक पाकिस्तानी सेना में तरक्की कर रहे थे, उससे उम्मीद थी कि किसी दिन वे पाकिस्तानी सेना के चीफ भी बन सकते हैं। हालांकि, 1983 में एक गलती की वजह से रविंद्र कौशिक की पहचान पाकिस्तान में उजागर हो गई। दरअसल, साल 1983 में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने रविंद्र कौशिक की मदद के लिए एक और जासूस को पाकिस्तान भेजा था, लेकिन वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ के दौरान उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के सामने रविंद्र कौशिक की पहचान उजागर कर दी।

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इसके बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने रविंद्र कौशिक को गिरफ्तार कर लिया और दो साल तक उन्हें प्रताड़ित किया। इस दौरान रविंद्र कौशिक को लालच भी दिया गया कि अगर वे भारत सरकार से जुड़ी गोपनीय जानकारी उजागर कर देंगे तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन रविंद्र कौशिक ने इनकार कर दिया। इसके बाद साल 1985 में रविंद्र कौशिक को पाकिस्तान की एक अदालत ने फांसी की सजा सुनाई, जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया। गिरफ्तारी के बाद रवींद्र कौशिक ने अपने जीवन के 16 साल अलग-अलग जेलों में बिताए। आखिरकार 2001 में टीबी और हार्ट अटैक की वजह से रवींद्र कौशिक की मौत हो गई। आज भी भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के सबसे बेहतरीन खुफिया अफसरों में रवींद्र कौशिक का नाम सबसे ऊपर आता है। वह भारत माता के वीर सपूत हैं। रवींद्र कौशिक ने अपना पूरा जीवन देश के लिए कुर्बान कर दिया। वह देश के लिए जिए और देश के लिए मरे। ऐसा माना जाता है कि सलमान खान की फिल्म 'एक था टाइगर' रवींद्र कौशिक के जीवन से प्रेरित थी।

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