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जयपुर के इस 137 साल पुराने म्यूजियम में हुई थी Shudddh Desi Romance की शूटिंग, वीडियो में जाने संघ्रालय में क्या कुछ है देखने को 

 
जयपुर के इस 137 साल पुराने म्यूजियम में हुई थी Shudddh Desi Romance की शूटिंग, वीडियो में जाने संघ्रालय में क्या कुछ है देखने को 

कहते हैं पुराना ही सोना होता है और इस बात से आप भी सहमत होंगे कि पुरानी चीजें हमेशा लोगों की नजरों में कमाल करती हैं। ऐसी ही एक पुरानी जगह जयपुर में है, जो आज भी लोगों की पसंद बनी रहती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं जयपुर के सबसे बड़े और सबसे पुराने म्यूजियम अल्बर्ट हॉल की, जिसे महाराजा रामसिंह ने बनवाया था। आपको बता दें कि इस म्यूजियम को 1887 में जनता के लिए खोला गया था, 137 साल पुराना यह म्यूजियम राम निवास गार्डन में स्थित है। अगर आप शहर घूमने जा रहे हैं, तो आपको यह म्यूजियम भी जरूर देखना चाहिए। आइए आपको इस म्यूजियम के बारे में बताते हैं।


हवा महल से 10 मिनट की दूरी पर स्थित इस म्यूजियम को सरकारी केंद्रीय म्यूजियम भी कहा जाता है। अल्बर्ट हॉल की स्थापना 6 फरवरी 1876 को प्रिंस ऑफ वेल्स अल्बर्ट एडवर्ड की जयपुर यात्रा के दौरान की गई थी। इस इमारत का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है। लेकिन इस हॉल का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस दुविधा को उस दौरान काफी समय तक झेलना पड़ा। महाराजा सवाई राम सिंह शुरू में चाहते थे कि म्यूजियम की इमारत टाउन हॉल बने। कुछ लोगों ने इसे सांस्कृतिक या शैक्षणिक इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। लेकिन डॉ. थॉमस होबिन हेंडले ने स्थानीय कारीगरों को यहां अपनी शिल्पकला दिखाकर प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया।

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जयपुर के तत्कालीन महाराजा, महाराजा सवाई माधो सिंह द्वितीय को उनका यह विचार पसंद आया और उन्होंने 1880 में जयपुर के स्थानीय कारीगरों की कलाकृति को प्रदर्शित करने वाला संग्रहालय बनाने का फैसला किया। संग्रहालय को आखिरकार 1887 में जनता के लिए खोल दिया गया।आपकी जानकारी के लिए बता दे यहां रोमांटिक कॉमेडी फिल्म "शुद्ध देसी रोमांस" (2013) अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में फिल्माए गए दृश्य हैं। "गुलाबी" गाना अल्बर्ट हॉल सहित जयपुर के विभिन्न स्थानों पर फिल्माया गया था। गाने में सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा द्वारा निभाए गए किरदारों को संग्रहालय के भव्य हॉल में घूमते देखा जा सकता है। तो इसलिए मनाली और शिमला में होटल हो रहे हैं महंगे, बुकिंग से पहले आपको भी एक बार जान लेना चाहिए

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संग्रहालय की खूबसूरत वास्तुकला
संग्रहालय की भव्य वास्तुकला आपको हैरान कर देगी। यहां की डिजाइनिंग इंडो-सरसेनिक शैली में बनी है, संग्रहालय को महाराजा राम सिंह के शासन के दौरान सैमुअल स्विंटन जैकब ने डिजाइन किया था। अब संग्रहालय में जयपुर कला, पेंटिंग, कलाकृतियां, आभूषण, कालीन, धातु, पत्थर और हाथी दांत की मूर्तियां के कुछ बेहतरीन काम मौजूद हैं। अब मथुरा से वृंदावन जाने के लिए आपको कार से जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जल्द ही शुरू होने जा रही है 'क्रूज' सेवा

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यहां आप द ममी भी देख सकते हैं - द ममी
मुद्राशास्त्र में रुचि रखने वालों के लिए अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में मौजूद सिक्कों का संग्रह किसी आकर्षण से कम नहीं है। ये सिक्के गुप्त, कुषाण, दिल्ली सल्तनत, मुगलों और अंग्रेजों के समय के हैं। क्या आप जानते हैं कि अल्बर्ट हॉल म्यूजियम भी भारत की उन छह जगहों में से एक है, जहां आप मिस्र की ममियों को देख सकते हैं? ये छह जगहें हैं जयपुर का अल्बर्ट हॉल म्यूजियम, कोलकाता का भारतीय म्यूजियम, हैदराबाद का वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेट म्यूजियम, मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु म्यूजियम, लखनऊ का स्टेट म्यूजियम और वडोदरा का बड़ौदा म्यूजियम और पिक्चर गैलरी। यहां मिस्र के एक पुजारी के परिवार की महिला सदस्य टूटू ममी है। ताजमहल ही नहीं, महिलाओं की याद में बनीं भारत की ये 6 मशहूर इमारतें भी बनाई गई थी।

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