Aadresh Gourav : मध्यवर्गीय परवरिश के कई फायदे

 

बाफ्टा के नामांकित अभिनेता आदर्श गौरव का कहना है कि छोटे शहर जमशेदपुर में मध्यम वर्ग की परवरिश का उन्हें फायदा हुआ है और इसने उन्हें जीवन के व्यापक ²ष्टिकोण का अनुभव करने में मदद की है। द व्हाइट टाइगर में बलराम हलवाई की भूमिका के लिए गौवर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी में बाफ्टा नामांकन मिला है। बलराम बिहार के पिछड़े वर्ग से संबंधित एक निम्नवर्गीय लड़का है, जो गुरुग्राम में शिफ्ट हो जाता है।

आदर्श ने जमशेदपुर में अपनी स्कूली शिक्षा ग्रहण की, वह बाद में मुंबई में अपने परिवार के साथ बस गए।

मध्यवर्गीय परिवार से जुड़े होने की वजह से फायदे गिनाते हुए आदर्श ने आईएएनएस को बताया, मुझे लगता है कि यह फैक्ट है कि आपको जीवन में वह सब कुछ नहीं मिलता है, जो आप चाहते हैं और इससे कैसे निपटा जाए (यह एक फायदा है)। अगर मैं एक छोटा सा उदाहरण दूं, तो नौ साल की उम्र में अगर मैं एक जोड़ी नाइकी जूते चाहता था। मुझे वह नहीं मिलते थे, क्योंकि या तो तब नाइकी का कोई शोरूम ही नहीं होता था या फिर मेरे पिता सोचते कि यह एक अनावश्यक खर्च है। अमीर परिवार के लड़के के साथ ऐसा नहीं होता। ऐसा नहीं है कि मैं परेशान था या फिर कुछ और, लेकिन हमें हमेशा पता था कि हम क्या वहन (अफोर्ड) कर सकते हैं और क्या नहीं।

अभिनेता ने यह भी कहा कि चूंकि उनके मेरे माता-पिता को यात्रा करने या घूमने-फिरने का बड़ा शौक था, इसलिए उनका परिवार हर साल छुट्टी कहीं न कहीं छुट्टियां मनाने जाता था।

उन्होंने कहा, हम उन छुट्टियों के लिए विदेश नहीं गए, लेकिन भारत में बचपन में मैंने हर जगह यात्रा की है और मुझे पता है कि मेरा देश कितना सुंदर है। हम हिमाचल प्रदेश गए, हम गोवा गए और दक्षिण भारत में भी अलग-अलग जगहों पर गए। मैंने विविधता महसूस की और जब भी हम ट्रेन से यात्रा करते थे तो हम साथी यात्रियों के साथ बातचीत करते थे और यात्राएं यादों से भर जाती थीं।

अभिनेता ने दोहराया कि उन्हें अच्छे से पता है कि मध्यवर्गीय होने का उन्हें काफी फायदा मिला है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

From around the web