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टीवी एक्टर से कैसे Irrfan Khan बने इंटरनेशनल स्टार, Video में जाने एक्टर की संघर्ष से सफलता तक की कहानी 

 
टीवी एक्टर से कैसे Irrfan Khan बने इंटरनेशनल स्टार, Video में जाने एक्टर की संघर्ष से सफलता तक की कहानी 

अपनी दमदार एक्टिंग और आवाज से लोगों का मनोरंजन करने वाले हिंदी सिनेमा के हीरे इरफान खान अब इस दुनिया में नहीं रहे। पिछले दो महीने से उनकी तबीयत खराब थी, जिसके बाद हाल ही में उन्हें कोलन इंफेक्शन के चलते मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन वहां वे अपनी जिंदगी की दौड़ हार गए। इरफान खान सिनेमा जगत के वो हीरे थे, जिनकी चमक दिन-रात बढ़ती ही जा रही थी और हर निर्माता-निर्देशक उनके साथ काम करने को लालायित रहता था। इरफान ने न सिर्फ फिल्मों में बल्कि टीवी की दुनिया में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। शायद ही लोगों को पता हो लेकिन सिनेमा का सितारा बनने से पहले इरफान टीवी की दुनिया के सुपरस्टार बन गए थे।


मुस्लिम पठानी परिवार में जन्मे, ये था उनका असली नाम 7 जनवरी 1967 को जयपुर के एक मुस्लिम पठानी परिवार में जन्मे इरफान बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनका पूरा और असली नाम साहिबजादे इरफान अली खान था, जिसे बाद में बदलकर इरफान खान कर दिया गया। इरफान खान कभी भी एक्टिंग में नहीं आना चाहते थे। उनकी इच्छा क्रिकेटर बनने की थी, लेकिन जब उन्हें नेशनल स्क्रुल ऑफ ड्रामा से स्कॉलरशिप मिली, तो उन्हें एक्टिंग का कीड़ा लग गया।

मुंबई आकर एसी रिपेयरमैन का काम किया
अभिनय के शौक के साथ इरफान खान मुंबई आ गए और एसी रिपेयरमैन का काम करने लगे। ऐसा माना जाता है कि सबसे पहले जिस व्यक्ति के घर वे एसी रिपेयर करने गए, वह सुपरस्टार राजेश खन्ना का घर था।

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टीवी की दुनिया में कदम रखते ही उन्होंने सनसनी मचा दी
खैर, इसके बाद इरफान खान ने एक्टिंग में कदम रखा और टीवी की दुनिया में अपना पहला कदम रखा। उनका पहला टीवी शो 'श्रीकांत' था और इसके बाद उन्होंने 'भारत एक खोज', 'कहकशां', 'सारा जहां हमारा', 'बनेगी अपनी बात', 'चाणक्य', 'अंगूरी', 'स्पर्श' और 'चंद्रकांता' जैसे सीरियल्स में काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई। नीरजा गुलेरी की 'चंद्रकांता' में इरफान खान ने शिवदत्त के भरोसेमंद किरदार बद्रीनाथ का किरदार निभाया था। बद्रीनाथ के अलावा उन्होंने जुड़वा भाई सोमनाथ का भी किरदार निभाया था। इस शो ने इरफान खान के करियर की दिशा बदल दी। उनके पास बड़ी फिल्मों और टीवी के ऑफर की लाइन लग गई।

इसी बीच इरफान ने दूरदर्शन पर 'रेड ग्रास ऑन ब्लू हॉर्स' नाम से एक टेलीप्ले किया, जिसमें उन्होंने लेनिन का किरदार निभाया। इसके अलावा इरफान ने टीवी सीरीज 'डर' में भी काम किया, जिसमें उन्होंने एक साइको किलर का किरदार निभाया था। इस सीरीज में एक्टर केके मेनन भी थे। इरफान थिएटर और टीवी की दुनिया में कमाल कर रहे थे, तभी मीरा नायर की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने 1988 में उन्हें अपनी फिल्म 'सलाम बॉम्बे' में काम दिया। यहीं से इरफान के लिए बॉलीवुड के दरवाजे खुल गए।

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जब इरफान खान ने एक्टिंग छोड़ने का फैसला कर लिया था
लेकिन इसी दौरान इरफान खान की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जब वो एक्टिंग छोड़ना चाहते थे। ये तब की बात है जब वो फिल्मों के साथ-साथ टीवी में भी काम कर रहे थे। टीवी शो हिट हो रहे थे, लेकिन इरफान इस बात से परेशान थे कि उनकी एक भी फिल्म अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थी। लेकिन 2001 में रिलीज हुई आसिफ कपाड़िया की फिल्म 'द वॉरियर' ने उनका मन बदल दिया।

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