कोविड प्रेयर सॉन्ग के लिए साथ आए Kailash Kher और सामापा

 
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सामापा (सोपोरी एकेडमी ऑफ म्यूजिक एंड परफॉर्मिग आर्ट्स) भारत का एक प्रमुख सांस्कृतिक संगठन है, जिसके द्वारा ‘दुआ’ के नाम से एक कोविड प्रार्थना गीत पेश किया गया है। यह गाना उन सभी लोगों को समर्पित है, जिन्होंने कोविड-19 में अपनी जान गंवाई है और जिन्होंने बहादुरी से लोगों की सेवा की है, जैसे कि फ्रंटलाइन वर्कर्स, चिकित्साकर्मी इत्यादि।

लोगों के बीच जागरूकता लाने के मकसद से यह गाना सामापा की ओर एक पहल है।

पद्मश्री संतूर वादक पंडित भजन सोपोरी द्वारा संकल्पित और संगीत उस्ताद अभय रुस्तम सोपोरी द्वारा रचित इस गीत में मशहूर गायक कैलाश खेर, सोपोरी पिता और पुत्र की जोड़ी और मंजरी शामिल हैं।

अभय सोपोरी ने कहा कि इस गीत के निर्माण की परिकल्पना पंडित भजन सोपोरी ने भारत में उस स्थिति में की थी, जब उन्होंने कोविड की वर्तमान दूसरी लहर से घर और परिवारों को तबाह होते देखा था। उन्होंने कहा, “इस गीत का मकसद समाज में जागरूकता लाना है। हम हमें नष्ट करने वाली एक और लहर को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं और इसके लिए हम सभी को यह महसूस करने की आवश्यकता है कि प्रत्येक एक की भूमिका महत्वपूर्ण है और हमें सरकारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा जैसे कि मास्क पहनना, उचित शारीरिक दूरी बनाए रखना और स्वच्छता को प्राथमिकता देना। इसके अलावा टीकाकरण भी जरूरी है ताकि हम कोविड के खिलाफ इस अनदेखी लड़ाई को जीत सकें और खुद को और दूसरों को भी बचा सकें।”

न्यूज18 उर्दू और फोटोग्राफर आशीष शर्मा के योगदान के साथ वीडियो के विजुल्स आईएएनएस (इंडो-एशियन न्यूज सर्विस) द्वारा प्रदान किए गए हैं।

अब बात करते हैं ‘दुआ’ की टीम में शामिल रहने वाले व्यक्तित्वों की, तो प्रेम निकाजु ने इसके बोल लिखे हैं, स्मित सोंतक्के ने म्यूजिक प्रोग्रामिंग की जिम्मेदारी संभाली हैं, वीडियो एडिटिंग निर्मल गिल्सन ने की है, ग्राफिक्स विष्णु बी. नायर का है और येसुदास बी.सी. द्वारा ऑडियो मास्टरिंग की गई है।

इन्हें इस काम में संदीप बामजई, अप्पू भट्टाथिरी, मालविका वी.एन., राजेश रैना, लक्ष्मी कृष्णकुमार, आदित्य राज कौल, आनंद मजूमदार, सोहराब सोपोरी, पं. विजय शंकर मिश्रा, सौमिल सोपोरी और सोहम सोपोरी का सहयोग मिला है।

पंडित भजन सोपोरी और अभय रुस्तम सोपोरी के तत्वावधान में सामापा ने देश के बाकी हिस्सों के साथ जम्मू और कश्मीर के सांस्कृतिक पुल का काम किया है और संगीत पारखी की एक नई पीढ़ी का निर्माण किया है। सामापा ने हमेशा आपदाओं और चिकित्सा चुनौतियों के शिकार लोगों के लिए धन जुटाने में जरूरत के समय में खड़ा रहा है। सामापा ने कश्मीर भूकंप पीड़ितों के लिए भी 80 लाख रुपये से अधिक जुटाएथे।

–आईएएनएस

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