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वीडियो में जाने क्या आत्मा के कारण रोका गया था Nahargarh किले का निर्माण कार्य, आमिर खान की इस फिल्म की हो चुकी है शूटिंग 

 
वीडियो में जाने क्या आत्मा के कारण रोका गया था Nahargarh किले का निर्माण कार्य, आमिर खान की इस फिल्म की हो चुकी है शूटिंग 

आज हम आपको राजस्थान के एक किले नाहरगढ़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपने किलों और महलों के लिए मशहूर है। जयपुर शहर की सुरक्षा के लिए बना यह किला अपनी खूबसूरती के कारण देश-दुनिया के पर्यटकों के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'रंगदे बसंती' की शूटिंग इसी किले में हुई है।


अकबर के नौ रत्नों में से एक ने बनवाया था यह महल
नाहरगढ़ किले का निर्माण अकबर के नौ रत्नों में से एक महाराजा मान सिंह ने 1734 ई. में करवाया था। महाराजा मान सिंह ने जयपुर की भी स्थापना की थी। अरावली की पहाड़ियों पर बना यह किला जयपुर शहर के साथ-साथ आमेर और जयगढ़ किलों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनवाया गया था।

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एक आत्मा ने रुकवा दिया था किले का काम
कहा जाता है कि किले के निर्माण के दौरान अजीबोगरीब घटनाएं सामने आ रही थीं। मजदूरों को अगले दिन अपना काम खराब मिलता था। इसके बाद पूछताछ करने पर पता चला कि यह स्थान राठौड़ राजा नाहर सिंह भोमिया का है। उनकी आत्मा के कारण निर्माण में ऐसी दिक्कतें आ रही थीं। जिसके बाद सवाई राजा मान सिंह ने उनके लिए पास ही पुराना घाट पर एक छोटा सा महल बनवाया। नाहर सिंह की आत्मा को स्थान मिलने के बाद महल के निर्माण में कभी कोई दिक्कत नहीं आई।

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आत्मा के कारण बदला गया किले का नाम
इस किले का पहले नाम सुदर्शनगढ़ था, लेकिन राठौड़ राजा नाहर सिंह भोमिया की आत्मा की कहानी आने के बाद इसका नाम बदलकर नाहरगढ़ कर दिया गया। 9 रानियों के लिए बनवाए थे राजसी भवन किले में राजा अपनी सभी रानियों से समान रूप से प्यार करते थे। यही वजह थी कि उन्होंने सभी रानियों के लिए अलग-अलग राजसी कक्ष बनवाए थे। इसके लिए आर्किटेक्ट को खास निर्देश दिए गए थे। इसे बनवाने का श्रेय जयधर भट्टाचार्य को जाता है जिन्होंने रानियों के लिए भवन बनवाया था। मानवेंद्र भवन में रानियों के लिए ऐसे ही 12 राजसी कक्ष बनवाए गए थे।

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राजा की 9 रानियों के लिए अलग-अलग राजसी कक्ष बनवाए गए थे। इनकी खासियत यह थी कि राजा किसी भी रानी के पास बिना दूसरी रानियों की जानकारी के जा सकता था। इतना ही नहीं, कमरे के दरवाजे के सामने हर रानी का नाम भी लिखा होता था, जिसकी झलक आज भी देखी जा सकती है।

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