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शिवराज सरकार ने सोशल मीडिया पर सिकंजा कसा दिया है जाने क्या है पूरा मामला 

 
सोशल
मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर रोक लगाने की तैयारी कर ली है. अब पूरी सख्‍ती के साथ आपत्तिजनक पोस्ट (Offensive Post) और भड़काने वाले कंटेंट पर नकेल कसी जाएगी. मध्य प्रदेश सरकार ट्विटर (Twitter), फेसबुक और इंस्टाग्राम को आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर नोटिस देगी.गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा के अनुसार भारत के नक्शे का गलत चित्रण, बाल विवाह, वित्तीय धोखाधड़ी, पशु क्रूरता, बाल यौन शोषण सहित दुष्प्रचार करने वाली अन्य सामग्री इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने पर कार्रवाई होगी. राज्य शासन ने ऐसे मामलों में कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सचिव गृह को सौंप दी है. वह ऐसी सामग्री को इंटनरेट मीडिया से तत्काल हटाने के लिए संबंधित एजेंसी या व्यक्ति को नोटिस भी जारी कर सकेंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी.

सोशल मीडिया कंटेंट पर लगाम कसने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नोडल अधिकारी नियुक्त करने के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं. सोशल मीडिया पर अपलोड होने वाले कंटेंट पर नोडल अधिकारी निगरानी करेंगे. निगरानी के बाद अगर नोडल अधिकारियों को सोशल मीडिया जैसे टि्वटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट नजर आती है तो वह उसको लेकर पूरा प्रोफार्मा तैयार करके गृह विभाग के सचिव को शिकायत करेंगे.सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आपत्तिजनक पोस्टर और अफवाह लोगों तक आसानी से फैलाई जा रही है. ऐसे में अब इस प्लेटफार्म पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी.

अगर महिला और बच्चों से जुड़ा हुआ कोई आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट होता है, तो महिला बाल विकास विभाग श्रमिकों के लिए श्रम विभाग, आतंकी या दंगा भड़काने वाली पोस्ट के लिए पुलिस और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गलत पोस्ट डालने वालों पर स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी पहल करेंगेमध्य प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर नए प्रावधान लागू किए हैं, जिसके तहत वेबसाइट, मोबाइल एप,ई-कॉमर्स वेबसाइट ऑनलाइन एग्रीगेटर भी दायरे में रहेंगे. दरअसल सोशल मीडिया पर कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच तकरार काफी दिनों से चली आ रही थी, जिसके बाद पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया को लेकर नई गाइडलाइन तय की थी. नियमों में बदलाव कर आईटी एक्ट के सेक्शन 79 में संशोधन किया है. सोशल मीडिया पर नकेल कसने के लिए आईटी एक्ट इंटरमीडिएटर रुल्‍स 2021 भी लागू किया है.

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